छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में जर्जर सड़क निर्माण की मांग को लेकर किए गए चक्काजाम के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पामगढ़ पुलिस ने कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में 6 नामजद ग्रामीणों सहित कई अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह विरोध प्रदर्शन 3 जुलाई को पामगढ़ के व्यस्त आंबेडकर चौक के पास ग्रामीणों द्वारा आयोजित किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम डोंगकहरौद में पिछले 15 वर्षों से 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह अधूरा पड़ा हुआ है। वर्तमान में बरसात के मौसम के कारण इस उखड़ी हुई सड़क की स्थिति बद से बदतर हो गई है, जिससे आवाजाही खतरनाक हो गई है। सड़क की इस दयनीय स्थिति के चलते क्षेत्र के स्कूली विद्यार्थियों, राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने अपनी मांग की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए मुख्य मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया था। चक्काजाम के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों सहित आम यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच के बाद सार्वजनिक मार्ग पर यातायात बाधित करने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस चक्काजाम के वीडियो फुटेज के आधार पर इसमें शामिल अन्य प्रदर्शनकारियों की भी शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अपनी जायज मांगों को शांतिपूर्ण और वैधानिक तरीके से ही प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करें। पामगढ़ पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सार्वजनिक रास्तों को रोकना एक दंडनीय अपराध है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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