छत्तीसगढ़ के सहकारी बैंकों में कर्मचारियों की भारी कमी से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जानकारी के मुताबिक, बैंकों में कर्मचारियों की संख्या करीब 1,000 से घटकर महज 400 रह गई है। स्टाफ की कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है। इसका असर आम ग्राहकों को मिलने वाली सेवाओं पर भी पड़ रहा है। कई ऐसे काम, जिन्हें एक ही दिन में पूरा हो जाना चाहिए, अब निपटाने में एक से दो दिन लग रहे हैं। ग्राहकों की केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने में भी देरी हो रही है। एटीएम कार्ड वितरण का काम प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोन वितरण से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। इसके अलावा, बीमा संबंधी कामकाज पूरा कराने के लिए भी ग्राहकों को इंतजार करना पड़ रहा है। बैंक कर्मचारियों पर बढ़ते वर्कलोड के कारण कामकाज की गति प्रभावित हो रही है। समय पर सेवाएं नहीं मिलने से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है। कर्मचारियों की कमी का असर बैंकिंग व्यवस्था की कार्यक्षमता पर भी दिखाई दे रहा है। सहकारी बैंकों में स्टाफ की उपलब्धता और सेवाओं में लगने वाले समय का मुद्दा अब महत्वपूर्ण हो गया है। Source: Source Post navigation निजी निवेश की योजनाओं में 39% की उछाल, 99.7 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ा; UBI ने जताई जोखिम की आशंका Meta का Q3 नेट प्रॉफिट 264% उछलकर $9.86 अरब पहुंचा, लेकिन कानूनी खर्च से ऑपरेटिंग इनकम पर असर