छत्तीसगढ़ समेत देशभर के नर्सिंग कॉलेजों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल की जगह नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन बनाया गया है। हालांकि यह व्यवस्था अभी तक किसी भी राज्य में लागू नहीं हुई है। कमीशन लागू होने के बाद नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया में बदलाव होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार नए नियमों के तहत सरकारी और निजी दोनों कॉलेजों की निगरानी अधिक सख्त हो सकती है। प्रदेश में बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित करने वाले 145 कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में 7700 से अधिक सीटें उपलब्ध हैं। नए कमीशन के लागू होने के बाद आईएनसी के मौजूदा नियमों में बदलाव किया जा सकता है। इससे नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता और मानकों को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। कॉलेजों को नई गाइडलाइन और मान्यता प्रक्रिया का पालन करना होगा। स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में इस बदलाव को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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