छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने करीब 27 साल पुराने सेवा विवाद में सहायक शिक्षक मंगल साय सिंह भारिया को राहत दी है। मामला जाति विवाद के चलते उनकी बर्खास्तगी से जुड़ा है। अदालत ने कोरबा कलेक्टर को उनके अभ्यावेदन पर 30 दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। मंगल साय सिंह भारिया को जाति विवाद के आधार पर सेवा से बर्खास्त किया गया था। मामले में उनकी जाति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। राज्य स्तरीय जाति छानबीन समिति ने वर्ष 2015 में उनकी जाति भारिया मानी थी। भारिया समुदाय को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में रखा गया है। हाईकोर्ट ने संबंधित अभ्यावेदन पर प्रशासन को समयबद्ध तरीके से निर्णय लेने को कहा है। अदालत के निर्देश के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। याचिकाकर्ता के सेवा संबंधी अधिकारों पर निर्णय अब कोरबा कलेक्टर के स्तर पर लिया जाएगा। करीब तीन दशक पुराने मामले में हाईकोर्ट का आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कलेक्टर को अदालत द्वारा तय समयसीमा के भीतर अभ्यावेदन का निपटारा करना होगा। Source: Source Post navigation ओपन कैटेगरी की फीस देकर B.Pharm पूरा करने वाले छात्र की डिग्री अमान्य जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नहीं रोकी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने ‘इंडस्ट्री’ की व्यापक परिभाषा बरकरार रखी, 1978 के फैसले को सही व्याख्या माना