डेली टेलीग्राफ़ की प्रमुख कॉलमनिस्ट एलिसन पियर्सन ने एसेक्स पुलिस के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, क्योंकि उन्होंने इस पर सवाल उठाया कि पुलिस के बयानों में उनके बारे में मानहानिक टिप्पणी की गई थी। हाई कोर्ट के जज ने कहा कि पुलिस द्वारा जारी किए गए बयानों में संपादक के प्रति बदनामी की संभावना हो सकती है, जिससे उन्हें सिविल मुकदमे में अपना हक़ अधिकार मिल सकता है। पियर्सन का आरोप है कि एसेक्स पुलिस ने उनके लेखन को लेकर अनुचित रूप से निंदा की और सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए, जिससे उनके पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा। न्यायालय ने इस पर विचार करते हुए कहा कि सार्वजनिक अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वे जानकारी देते समय सत्यपरकता और निष्पक्षता बनाए रखें। यदि अदालत अंततः मानती है कि बयान मानहानिक हैं, तो पुलिस को मुआवजा देने के साथ साथ सार्वजनिक माफी जारी करनी पड़ सकती है।