खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एक बड़े घोटाले की जाँच में कई अनैतिक प्रथाओं को बेनकाब किया है। सर्वेक्षण में पता चला कि एक प्रमुख होटल में परोसा गया पनीर न केवल घटिया गुणवत्ता का था, बल्कि उसमें हानिकारक कीटनाशक भी मिलाए गए थे, जिससे उपभोक्ताओं को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। साथ ही, स्थानीय किराना स्टॉलों में बिना लाइसेंस के गुटखा पाउडर की आर्थिक‑वर्दी में बिक्री हो रही थी, जहाँ असली ब्रांड की नकली पैकेजिंग से ग्राहक भ्रमित होते हैं। अधिकारी बताते हैं कि ये सब प्रोडक्ट्स न सिर्फ उपभोक्ता भरोसे को झटका देते हैं, बल्कि खाद्य सुरक्षा कानून का भी उल्लंघन करते हैं। इस इनको इस दिशा में कदम उठाते हुए, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने संबंधित दुकानों को बंद करने, प्रभावित उत्पादों को जब्त करने और उपभोक्ताओं को सतर्क करने के आदेश जारी किए हैं। अब स्थानीय प्रशासन का लक्ष्य इन बकवास प्रथाओं को जड़ से खत्म कर सुरक्षित और मानकीकृत खाद्य पदार्थों की पहल को सुदृढ़ बनाना है। Post navigation खाकी की अनदेखी के खिलाफ विधवा ने SP कार्यालय के सामने न्याय की पुकार लगाई क्या ईरान युद्ध ने Spirit Airlines के पतन की अंतिम धक्का दी?