बोर्ड ने माता-पिता को बच्चों की काबिलियत को केवल मार्कशीट से न आंकने और उनकी खुशहाली पर ध्यान देने की सलाह दी है. साथ ही, बच्चों के लिए खाली समय और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया है. नशीली दवाओं के सेवन को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने के लिए NCB के साथ सहयोग किया गया है.