जालंधर में सोशल मीडिया पर नशे में झूमते युवकों के वायरल वीडियो और वेस्ट इलाके में पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली के बाद बैकफुट पर आई जालंधर पुलिस अब अपनी धूमिल छवि को चमकाने के लिए दिखावे की कार्रवाई में जुट गई है। हाल ही में एक 70 साल पुरानी जर्जर इमारत के अगले हिस्से को नशा तस्कर का घर बताकर गिराने की कोशिशों के बीच पुलिस और प्रशासन ने ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत कपूरथला रोड और बस्ती बावा खेल में छापेमारी की। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल, एडीसी, एसीपी और ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ संयुक्त छापेमारी की गई, जिसमें प्रतिबंधित दवाएं बेचने वाली तीन मेडिकल दुकानों (जिसमें आनंद मेडिकल शॉप शामिल है) और अवैध शराब के एक गोदाम को सील किया गया। पुलिस के अनुसार, इन दुकानों से 1 लाख से अधिक प्रतिबंधित नशीली गोलियां और गोदाम से 40-50 पेटियां अवैध शराब बरामद की गई हैं तथा इस मामले में बलवीर सिंह नामक व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज की गई है। छापेमारी के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि चैरिटेबल के नाम पर ली गई जमीन पर अवैध रूप से कमर्शियल प्रॉपर्टी और एक प्राइवेट अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा था, जिसे पुलिस और प्रशासनिक टीम ने सील कर दिया है। पुलिस प्रशासन अब दावा कर रहा है कि नशे की कमाई से बनाई गई अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर लिया गया है और जल्द ही उन पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया जाएगा, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि घनी आबादी वाले इन इलाकों में लाखों की संख्या में नशीली गोलियां और शराब का अवैध कारोबार आखिर किसकी छत्रछाया में फल-फूल रहा था।

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