तेलंगाना सरकार ने 2025 की भूजल स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें कई जिलों में जल स्तर में गिरावट पर चिंता जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि धान की खेती पर प्रतिबंध लगाना समाधान नहीं होगा; बल्कि जल संचयन, तालाब निर्माण और रिचार्ज विहार जैसे उपायों पर ज़ोर देना आवश्यक है। रिपोर्ट के अनुसार, बरसात के पानी को प्रभावी रूप से पकड़ कर खेतों में पुनः उपयोग करने से भूजल पुनर्भरण में मदद मिल सकती है। 2026 की जलस्थिति का आकलन अगले महीने से शुरू होगा, जिसमें जल‑स्रोतों की निगरानी, सिंचाई‑प्रौद्योगिकी का अद्यतन और फसल‑विचार में विविधता लाने की रणनीतियों को शामिल किया जाएगा। सरकार ने किसानों को जल‑संरक्षण तकनीकों के लिए प्रोत्साहन देने और धान के विकल्प के रूप में कम‑जल वाली फसलों को बढ़ावा देने की योजना भी तैयार की है। यह विस्तृत दृष्टिकोण टेंशन भरे जल‑परिस्थितिकी को स्थायी बनाते हुए, कृषि उत्पादन को भी बनाए रखेगा।