एक अध्ययन में सामने आया है कि टाइप-2 डायबिटीज पुरुषों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर अलग-अलग प्रभाव डालती है। डायबिटीज के बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम अधिक पाया गया है। वहीं पुरुषों में हृदय और किडनी से जुड़ी जटिलताओं का खतरा अधिक देखा गया। उच्च रक्तचाप दोनों ही लिंगों में डायबिटीज के बाद होने वाली सामान्य जटिलताओं में शामिल है। अध्ययन के अनुसार डायबिटीज के बाद मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या विकसित करने वाले लोगों में समय से पहले मृत्यु का जोखिम बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं ने डायबिटीज की देखभाल में लिंग आधारित जोखिमों को ध्यान में रखने की जरूरत बताई है। महिलाओं के इलाज में मानसिक स्वास्थ्य की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। पुरुषों में हृदय और किडनी की कार्यक्षमता की निगरानी अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है। दोनों समूहों में रक्तचाप को नियंत्रित रखना जरूरी बताया गया है। अध्ययन के निष्कर्ष डायबिटीज प्रबंधन को व्यक्तिगत जोखिम के अनुसार तैयार करने की जरूरत पर जोर देते हैं। नियमित जांच से संभावित जटिलताओं की पहचान और समय पर उपचार में मदद मिल सकती है। शोध में डायबिटीज से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को बेहतर तरीके से समझने के लिए लिंग आधारित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई गई है। Source: Source Post navigation बाढ़ प्रभावित नेपाल से नागपुर के 100 से अधिक तीर्थयात्री लौटे, अपनों से मिलकर छलके आंसू PM मोदी की युवाओं से अपील- नशे के खिलाफ सोशल मीडिया को बनाएं हथियार, 35 लाख महिलाओं को SVANidhi का लाभ