अमेरिका में ट्रंप गवर्नमेंट ने ताइवान की आधिकारिक अध्यक्ष से मिलनों पर एक पुष्टि की है, जो चीन की दूतावास की खोज नहीं है। ताइवान से 14 बिलियन डॉलर के उपसाम बेचने का एक सुझाव पर अमेरिका की संबंधित फैलाव है। चीन ने ताइवान को मालिकात्मक रूप से दावा किया है, जहाँ ट्रंप गवर्नमेंट ने उसकी आधिकारिक पोलिसी से भिन्न एक मौका देखा है। अमेरिका के वित्त और बाजार आईडी 14 बिलियन डॉलर के अपराध ट्रांज़्क्शनों से संबंधित है। यह वित्तीय समझौता चीन की राजस्व पुलिसी को प्रभावित कर सकता है, जो ताइवान को मालिकात्मक रूप से दावा करता है। ट्रंप गवर्नमेंट एक पहलु का सिद्धांत खोया है, जिसका मतलब है कि वे ताइवान की अधिकारियों से मिलने पर भी चीन के संबंधों पर प्रभाव छोड़ सकते हैं। यह मौलिक बदलाव अमेरिका-चीन संबंधों को स्थानीय सरकार के प्रबंधन में एक नए अवसर देने में लगातार है। उपसाम बेचने और ताइवान से मिलनों पर चीन का प्रतिकार अमेरिका की गवर्नमेंट की दृष्टि को पहले से भिन्न होने में खड़ा है। यह प्रस्ताव की प्रभावित आरक्षण, बीमारी और दूतावास अवधि दर्शाने का संदेश है। ट्रंप की इस पुष्टि को चीन की ताइवान योजना में एक प्रतिक्रिया देने की संभावना है, जहाँ उन्होंने चीन के राष्ट्रपति डौल बीजींग की तुरंत मिलन से भी पहचाना है। अमेरिका-चीन संबंधों के इस अवशोषक बदलाव की ध्यान दें, जो ताइवान पर खोज और चीन-अमेरिका राज्यों में संबंधों पर प्रभाव डाल सकता है। ट्रंप की अलग सुविधाओं का समर्थन चीन ने भी देखा है, जो ताइवान को विश्वास दिए रहता है। यह बदलाव अमेरिका-चीन संबंधों में एक लगभग चौथाई के विस्तार का प्रतीक है, जहाँ ट्रंप गवर्नमेंट ने चीन को एक सहयोगी और अच्छी देश के रूप में पहचाना है, जिससे ताइवान का समय लगाया गया। यह बदलाव भारत की और दुनिया भर की ध्यान में रखी जाने चाहिए, क्योंकि यह प्रतीक महत्वपूर्ण है संबंधों के उदय और तुलना में असममताओं की रिमोवल। 🔗 Read original source — BBC News Post navigation Boss of Sarah Ferguson-linked firm used royal links to threaten worker with jail