हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली में कालुआना लिंक चैनल में एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार कटाव होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पहले कटाव की मरम्मत में चार दिन लगे थे, लेकिन बुधवार सुबह पानी छोड़े जाने के कुछ ही देर बाद उसी स्थान पर दोबारा दरारें पड़ गईं। चैनल से निकला पानी धान और नरमे के खेतों में भर गया, जिससे 15 एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई। घटना के बाद किसानों ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, गंगा रकबे में पहले कटाव की मरम्मत के बाद बुधवार सुबह करीब छह बजे लिंक चैनल में पानी छोड़ा गया था। पानी मरम्मत वाले हिस्से तक पहुंचा तो वहां मिट्टी से बुलबुले निकलते दिखाई दिए और कुछ ही समय में दरारें बढ़ने लगीं। इसके बाद पानी किसान छबीलाराम के खेत में घुसने लगा। खेत में काम कर रहे मजदूरों ने इसकी सूचना किसान को दी, जिसके बाद संबंधित विभाग को जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर एसडीओ सोनू कुमार मौके पर पहुंचे और मौजगढ़ हेड से पानी की आपूर्ति बंद करवा दी। हालांकि, चैनल में पहले से मौजूद पानी खेतों में बहता रहा और जलभराव का दायरा बढ़ता गया। किसान छबीलाराम का आरोप है कि पिछली मरम्मत के दौरान सूखी मिट्टी की ट्रालियां डाली गई थीं और किसानों ने दोबारा कटाव की आशंका जताई थी। उनका कहना है कि मिट्टी को उचित तरीके से जमाकर मरम्मत की जाती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था। कालुआना माइनर और गुरु सर से जुड़े अन्य किसानों ने भी मरम्मत और सफाई में कथित लापरवाही पर नाराजगी जताई। किसानों के मुताबिक, माइनर की सफाई और कुछ जरूरी काम पूरे किए बिना ही पानी छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि नहर में लंबे समय तक पानी बंद रहने से नरमे की सिंचाई प्रभावित हुई थी और अब गेहूं तथा सरसों की बिजाई के समय भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। किसानों ने चैनल की उचित सफाई, योजनाबद्ध मरम्मत और भविष्य में कटाव रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है। वहीं, एसडीओ सोनू कुमार ने बताया कि पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है और जलभराव रोकने के लिए अलग-अलग स्थानों पर अवरोध लगाए जा रहे हैं। विभाग ने जल्द मरम्मत कर पानी की आपूर्ति दोबारा सुचारू करने का प्रयास करने की बात कही है।

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