फुटबॉल की विश्व प्रसिद्ध शिखर प्रतियोगिता 2026 विश्व कप का माहौल अब ‘डिस्ट्रोपियन’ शब्द से ही पहचानने लगे हैं, ऐसा दावा किया है पिटर मूरे ने, जो लिवरपूल के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। मूरे का मानना है कि फीफा ने टिकिट की कीमतों पर ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ लागू करके प्रतियोगिता के मूल उद्देश्य—वैश्विक एकता और खेल की खुशी—को कमजोर कर दिया है। उन्होंने बताया कि टिकटों की कीमतें अत्यधिक बढ़ा-चढ़ा कर तय की जा रही हैं, जिससे साधारण दर्शकों और छोटे फुटबॉल प्रेमियों को बाहर कर दिया गया है। मूरे ने इसे ‘लूट’ और ‘लालच’ कहा, और फैंस को उचित, सस्ती और पारदर्शी मूल्य निर्धारण की मांग की। उन्होंने फीफा से अपील की है कि वे खेल की भावना को पुनः स्थापित करने के लिए टिकट नीति में सुधार लाएँ, ताकि विश्व कप सभी के लिए सच्चा उत्सव बन सके। Post navigation FIFA ने 2026 विश्व कप के इनाम राशि व शुल्क में सभी टीमों के लिए बढ़ोतरी की घोषणा