डिजिटल अरेडिट नाम के एक अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह ने लोगों को डराकर फर्जी अधिकारी बना कर ठगी की. इस गिरोह के सदस्य खुद को रिटायर्ड अफसर या सरकारी अधिकारी बताते हुए पीड़ितों को नकली ‘डिजिटल अरेस्ट’ की चेतावनी देते और उनसे जुर्माना व डीडीबी रोखने के लिए तेज़ी से पैसे वाले ट्रांसफर करने को कहते. इस तरह केवल 4 महीने में उन्होंने लगभग 37 लाख रुपये जकड़े. छत्तीसगढ़ पुलिस ने केस की गहन जांच के बाद राजस्थान की महिला समेत कुल पांच आरोपियों को पकड़ा. SSP शशि मोहन ने बताया कि गिरोह ने सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और फ़ोन कॉल्स का इस्तेमाल कर कई शहरों में फर्जी नोटिस भेजे. पुलिस ने पीड़ितों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियोजन टीम बनायी है और डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. Post navigation बेकाबू कैंटर ने बाईक सवार दंपत्ति को टक्कर मारकर महिला की मौके पर मौत कर दी NEET परीक्षा का ‘सुपर‑प्लान’ लागू: पुलिस‑केंद्रों पर तैनात, DC अभिषेक मीणा ने संभाली ग्राउंड जीरो की कमान