रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल सुशासन के एक ठोस मॉडल को अपनाते हुए शिक्षा के अधिकार को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया है। नवीनीकृत ऑनलाइन पोर्टल, वास्तविक‑समय डेटा ट्रैकिंग और मोबाइल‑आधारित एप्लिकेशन के जरिए बच्चों की स्कूल‑उपस्थिति, अभिलेख और शैक्षणिक प्रगति को जनता के सामने खुलकर रखा जा रहा है। इस पहल से अभिभावकों को उनकी संतान की पढ़ाई की स्थिति तुरंत जानने की सुविधा मिली, साथ ही शैक्षणिक संसाधनों की निष्पक्ष वितरण में भी पारदर्शिता बनी। सरकार ने ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाकर डिजिटल कक्षाओं को साकार किया, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इस डिजिटल परिवर्तन से भ्रष्टाचार की संभावनाएँ घट रही हैं और शिक्षा के अधिकार को सच्चे अर्थों में सशक्त बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ अब डिजिटल शैक्षिक व्यवस्था में अग्रणी बनते हुए राष्ट्रीय स्तर पर नई मानदंड स्थापित कर रहा है। Post navigation टोटो चालक की जहर‑से‑मौत: परिवारिक विवाद, पिता का साया और दो बच्चों की त्रासदी ‘भगवान परशुराम के विचारों से सुदृढ़ होगी सनातन संस्कृति’, कहा कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने जन्मोत्सव समारोह में