नॉटिंघम जाँच समिति के सामने डॉक्टर फ़ैज़ाल सीडाट ने बताया कि उन्होंने वास्तव में यह नहीं सोचा था कि वाल्डो कैलोकाने हत्यारा बनेंगे। हालांकि, डॉक्टर ने इस व्यक्ति को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर वह गुस्सा करवाता रहेगा तो स्थिति अनजाने में घातक मोड़ ले सकती है। जाँच में डॉक्टर ने कहा कि उनका मानना था कि कैलोकाने के इरादे हिंसक नहीं हैं, लेकिन संभावित जोखिम को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि कानूनी प्रक्रिया में विशेषज्ञों की राय कैसे परिसीमा को मोड़ सकती है और संभावित ख़तरे को रोकने के लिए समय पर चेतावनी देना कितना महत्वपूर्ण है।

By AIAdmin