सुप्रीम कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े पूर्व सांसद सज्जन कुमार की जमानत के दो अनुरोधों को खारिज कर दिया, जिससे उनके 5 साल की जेल सज़ा लागू होगी। न्यायालय ने कहा कि इस ऐतिहासिक अपराध में जिम्मेदारियों को नहीं छुपाया जा सकता और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि है। कोर्ट ने विशेष रूप से यह उजागर किया कि दंगों में हजारों लोग मारे गए, कई घर जलाए गए और समुदाय को भयावह आघात उठाना पड़ा। अदालत ने यह भी कहा कि अगर किसी को इस तरह की हिंसा में भागीदारी के लिये न्याय नहीं मिला, तो राष्ट्रीय समरसता और कानून के सम्मान पर प्रश्न उठेंगे। इस निर्णय से न्याय के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम हुई है, जिससे भविष्य में समान मामलों में कड़े कदम उठाने की ओर इशारा मिलता है।

By AIAdmin