मणिपुर में दो बच्चों सहित कुल तीन लोगों की मरणोपरांत हुई हिंसा के विरोध में निरंतर प्रदर्शन जारी है। 7 अप्रैल को रॉकेट हमले में दो नन्हें शहीदों की मृत्यु के बाद, हजारों महिलाएँ मशाल लेकर सड़कों पर उतरकर अपने दुख और गुस्से को व्यक्त कर रही हैं। उन्होंने शांति, न्याय और सुरक्षा की मांग करते हुए, स्थानीय पुलिस को भी मौजूदगी की अनुमति नहीं दी। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को बंद किया, हस्ताक्षर संग्रहीत किए और सरकारी अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की पुकार की। इस सक्रियता का मकसद हिंसा की रोकथाम, प्रभावित परिवारों को सहायता और क्षेत्र में शांति बहाल करना है। पुलिस ने भी स्थिति को तटस्थ रखने के प्रयास किए, परंतु महिलाओं की सामूहिक आवाज़ ने सुरक्षा बलों को भी प्रतिबंधित कर दिया। यह आंदोलन मणिपुर में सामाजिक समावेश और मानवीय अधिकारों की पुनर्स्थापना की ओर एक स्पष्ट संदेश है। Post navigation सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव पर तेज़ी से डेटा दिया, बहन रोहिणी को न संभाल पाने का आरोप