पंजाब के तरनतारन जिले के गांव किरतोवाल स्थित ओट (ओओएटी) सेंटर यानी नशा मुक्ति केंद्र से चोरों ने नशा छुड़ाने के लिए मरीजों को दी जाने वाली 26,700 टेबलेट चुरा ली हैं। 14 महीनों के भीतर इस सेंटर में चोरी की यह तीसरी घटना है। बार-बार हो रही चोरी की घटनाओं ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन के सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी है। मेडिकल अधिकारी डॉ. कमलदीप सिंह संधू के अनुसार, चोर बिजली से चलने वाले कटर का इस्तेमाल कर सेंटर के ताले काटकर अंदर घुसे और इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयां चुरा ले गए। इससे पहले भी इस सेंटर से 9,369 गोलियां चोरी हो चुकी हैं और दवाइयों के अलावा चोर यहां से प्रिंटर, पानी की टोंटियां, एसी, पंखे और अन्य कीमती सामान भी चुरा चुके हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वारदात को अंजाम देने वाले नशेड़ी हैं या दवाइयों की कालाबाजारी करने वाला कोई गिरोह। घरियाला की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीतू चड्ढा ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और इस संबंध में एसडीएम पट्टी को पत्र लिखा है, जिसकी प्रतियां पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री, सिविल सर्जन तरनतारन, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर तरनतारन और थाना हरिके को भी भेजी गई हैं। किरतोवाल का यह ओट सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां लगभग 650 मरीज पंजीकृत हैं और रोजाना औसतन 600 से 620 मरीज नियमित दवा लेने पहुंचते हैं, जिससे इतनी बड़ी तादाद में दवा चोरी होने पर इन मरीजों के इलाज और दवा आपूर्ति की प्रक्रिया प्रभावित होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर रणजीत सिंह ने बताया कि पुलिस हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है और जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, हालांकि पिछले साल भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन चोरी की घटना नहीं रुकी।

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