पंजाब के तरनतारन जिले के पट्टी में शुक्रवार को पंजाब रोडवेज की सरकारी बसों के समय में कटौती की गई। खेमकरण, कोट बुड्ढा और सभरा समेत कई रूटों पर बसों की संख्या या निर्धारित समय में कमी से यात्रियों को परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी बसों के समय में बदलाव से निजी बस संचालकों को फायदा पहुंच रहा है। यात्रियों का दावा है कि इससे सरकारी परिवहन सेवा कमजोर हो रही है। रंजीत सिंह, अशोक कुमार, गगन कुमार और मिंटू बेदी सहित लोगों ने सरकारी बसों को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जरूरी बताया। उनके अनुसार, विद्यार्थी और कर्मचारी रोजाना इन बसों से सफर करते हैं। समय में कटौती के कारण यात्रियों को निजी बसों पर निर्भर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से पुरानी और मौजूदा समय-सारणी की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सरकारी और निजी बसों को समय आवंटित करने के नियमों को भी स्पष्ट करने की अपील की। लोगों ने कहा कि यदि नियमों के उल्लंघन या अनुचित लाभ देने की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पंजाब रोडवेज के पट्टी जनरल मैनेजर रंजीत सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। डायरेक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट ने बताया कि समय-सारणी में बदलाव की जांच की जा रही है। तरनतारन के डीसी राहुल कुमार ने कहा कि मामले की रिपोर्ट मांगी गई है और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए कदम उठाने की बात कही है। Source: Source Post navigation सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का असर: बालोद में 15 दिन के भीतर गुमशुदगी के 40 मामलों में FIR दर्ज कोंडागांव में 5 लाख की लागत से गद्दा यूनिट शुरू, महिलाओं, ट्रांसजेंडर और दिव्यांगों को मिलेगा रोजगार