री-NEET परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद टॉपर्स की प्रेरणादायक कहानियां सामने आ रही हैं। पंजाब के आर्यन गुप्ता ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। आर्यन की सफलता के पीछे संघर्ष और मेहनत की भावुक कहानी जुड़ी हुई है। तीसरी कक्षा में उन्होंने डॉक्टर बनने का संकल्प लिया था। उनकी दादी की कैंसर से हुई मौत ने उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में जाने के लिए प्रेरित किया। लक्ष्य हासिल करने के लिए उन्होंने रोजाना 16 से 17 घंटे तक पढ़ाई की। परीक्षा में आई चुनौतियों और दोबारा NEET देने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर उन्होंने देश में शीर्ष स्थान हासिल किया। आर्यन की सफलता ने लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों को प्रेरणा दी है। उनका सफर मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण का उदाहरण बन गया है। Source: Source Post navigation हरियाणा में 20-21 जुलाई को मिलेंगे 12वीं के प्रमाण-पत्र, स्कूल प्रमुखों को दिए गए निर्देश छत्तीसगढ़ में जर्जर स्कूल भवन के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगाया ताला