दिल्ली में दवा खरीद, भंडारण और प्रबंधन में हुई भारी अनियमितताओं के चलते सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सेंट्रल प्रोक्यूरमेंट एजेंसी (CPA) की कार्यप्रणाली की जांच के बाद पांच फार्मासिस्टों और दो अधिकारियों सहित कुल सात लोगों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपना रहा है। जांच में सामने आया कि दवाओं की खरीद प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठे थे। यह निलंबन सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी गहन छानबीन जारी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निलंबित किए गए सभी कर्मचारियों को तत्काल अपनी ड्यूटी से हटा दिया गया है। विभाग अब दवा वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए नई गाइडलाइंस पर काम कर रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और पारदर्शी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। Source: Source Post navigation सफाई व्यवस्था में बड़ा फर्जीवाड़ा: 25 की जगह मिलीं केवल 13 ट्रॉलियां, नगर परिषद ने ठेकेदार का टेंडर किया रद्द