दिल्ली हाईकोर्ट ने पति की आयकर रिटर्न (ITR) जानकारी को लेकर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि पत्नी मेंटेनेंस केस के लिए RTI के जरिए पति की ITR जानकारी हासिल नहीं कर सकती। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने इस मामले में फैसला सुनाया। यह याचिका पति की ओर से दायर की गई थी, जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के आदेश को चुनौती दी गई थी। CIC ने 2007-08 वित्त वर्ष से पति की शुद्ध कर योग्य आय की जानकारी साझा करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने CIC के उस आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने मामले में निजता और सूचना के अधिकार से जुड़े पहलुओं पर विचार किया। फैसला पति की आय संबंधी व्यक्तिगत जानकारी के प्रकटीकरण से जुड़ा है। यह मामला वैवाहिक विवाद और भरण-पोषण कार्यवाही से संबंधित था। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद RTI के माध्यम से निजी वित्तीय जानकारी मांगने के मामलों पर असर पड़ सकता है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला: बिल न होने से पत्नी के स्त्रीधन के अधिकार खत्म नहीं होते