दीपावली पर घर लौटने वालों के लिए जशपुर में बसों की सीटें नहीं मिल रही हैं। बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और भिलाई से जशपुर पहुंचने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि शनिवार की लगभग सभी रात्रिकालीन बसों की सीटें ऑनलाइन बुक हो चुकी हैं। रविवार को दीपावली है, इसलिए सबसे अधिक यात्रा शनिवार को हो रही है। दीपावली के बाद भी 10 और 12 नवंबर की रात्रिकालीन बसों की डाउन स्लीपर सीटें ऑनलाइन बुक दिख रही हैं। जिले में रेलवे लाइन नहीं होने के कारण आवागमन का एकमात्र साधन बस है। रांची से रायपुर, जशपुर से रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के लिए करीब 22 यात्री बसें चलती हैं। मोटर कर्मचारी एसोसिएशन के सुनील मिश्रा के मुताबिक जशपुर से चलने वाली बसों में भीड़ 17 नवंबर तक रहेगी। बस कर्मचारी रविंद्र नाथ पाठक ने बताया कि दीपावली के बाद छठ पर्व शुरू हो जाएगा और जशपुर की 90 प्रतिशत आबादी बिहार और झारखंड से है, इसलिए छठ भी प्रमुख त्योहार है। दिन की बसों में भी जगह नहीं है और यात्री खड़े होकर सफर कर रहे हैं। बसों में भीड़ के चलते कई लोग टैक्सी बुक कर रहे हैं, लेकिन टैक्सी चालकों ने किराया बढ़ा दिया है। जशपुर से रांची तक जाने वाली गाड़ियां पहले 6,000 रुपए में जाती थीं, अब 10,000 रुपए तक मांग रही हैं। जशपुर से गुमला तक 3,000 रुपए की डिमांड की जा रही है, जबकि दूरी महज 56 किलोमीटर है। Source: Source Post navigation हरियाणा में 55 लाख पशुओं को लगेगी मुंह खुर-गलघोटू की वैक्सीन: पशुपालकों के लिए पूरी तरह मुफ्त, 6 महीने चलेगा टीकाकरण अभियान दिवाली से पहले मान सरकार का गिफ्ट: 6,507 कंप्यूटर शिक्षकों का DA 40% बढ़ाकर 221% किया, 1,007 गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी वेतन लाभ