दुर्ग कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई मारपीट के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। अदालत ने थाना प्रभारी समेत आठ लोगों के खिलाफ दायर परिवाद पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले की जांच दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपने का आदेश दिया है। अदालत ने माना कि जिस थाना प्रभारी पर खुद आरोप लगे हैं, उससे जांच कराना निष्पक्षता के सिद्धांत के खिलाफ होगा। मामला 10 जून 2025 की रात हुई मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि निहाल जसवानी अपने साले के साथ हुए विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उन पर नुकीली वस्तु से हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने पीड़ितों के बजाय दूसरे पक्ष के प्रभाव में कार्रवाई की। आरोप है कि निहाल और उनके साले के खिलाफ ही पुलिस ने मामला दर्ज कर दिया। शिकायत में बयानों में कथित हेरफेर और आरोपियों से सांठगांठ के भी आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने कहा कि थाना प्रभारी पर लगे आरोपों के कारण स्थानीय पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। अब SSP दुर्ग किसी स्वतंत्र अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराएंगे।

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