नई दिल्ली के ऐतिहासिक लैंडमार्क के बाद, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियम 2026 अब पूरे भारत में लागू हो गए हैं। इन नियमों का मकसद कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना, लैंडफिल की भरती को घटाना और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है। अब सभी बड़े कचरा उत्पादन करने वाले इकाइयों—जैसे बड़े शॉपिंग मॉल, हॉस्पिटल, होटल, तथा औद्योगिक पार्क—को कचरा स्रोत पर ही अलगाव, वर्गीकरण और उचित संग्रह व्यवस्था करनी होगी। स्वच्छता विभागों को अब उन जनरेटर्स को लाइसेंस रद्द करने का अधिकार मिला है जो इन मानदंडों को नहीं मानते। साथ ही, कचरा जमा करने वाले ट्रक में GPS ट्रैकिंग और डिजिटल वजन प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। राज्य सरकारें भी अब कचरा-से-ऊर्जा (WtE) प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से मंजूरी दे रही हैं, जिससे बायोगैस, बायोमास और रीसाइक्लिंग के माध्यम से आर्थिक लाभ भी मिलेगा। इन कदमों से न केवल पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा, बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा और स्थानीय समुदायों की स्वच्छता भी सुनिश्चित होगी। Post navigation रायपुर में 50 लाख की ठगी का पर्दाफाश: ड्राइवर निकला मास्टरमाइंड, 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार पंजाब रोडवेज कर्मचारियों ने 25-27 मई की बस हड़ताल की घोषणा, यात्रियों को सावधानी बरतनी होगी