राजधानी रायपुर में 50 लाख रुपये की घातक घोटाले की जाँच में पुलिस ने चौंका देने वाला खुलासा किया। गबन के मुख्य दिमाग के रूप में पेश हुआ था एक ड्राइवर—कृष्णा, जो ही संपूर्ण योजना का संचालक था। उसकी मदद से महिला सहित कुल सात संदिग्धों को थाम लिया गया, जिनमें से एक महिला भी शामिल थी। अपराध में इस्तेमाल हुई कार को भी पुलिस ने जब्त कर ली, जिससे आगे की संभावित साजिशें रोकने में मदद मिली। जांच में सामने आया कि ड्राइवर ने नौकरी के झूठे बहाने से पैसे जमा करवाए, फिर धुँधले तरीके से गबन करवा दिया। अब सभी सात पर चोरी, ठगी और धन गबन के आरोप लगे हैं, और उन्हें कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। यह केस पुलिस की तेज कार्रवाई और विस्तृत जाँच की मिसाल बनकर उभरा है। Post navigation ईरान युद्ध विवाद के बढ़ने से अमेरिका ने जर्मनी में सैनिकों की संख्या घटाने का फैसला किया देशभर में कचरा प्रबंधन के नए नियम लागू, जनरेटर्स की जिम्मेदारी बढ़ी