झांसी के चिरगांव खुर्द में जमीन विवाद के चलते एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार में करीब 35 घंटे की देरी हुई। मामला दो बीघा खेत को लेकर पिता और बेटों के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा बताया गया है। पिता की मौत के बाद बेटों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जमीन का विवाद सुलझाए बिना वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। विवाद के बीच मृतक की बेटी ने जमीन वापस करने पर सहमति जताई। जमीन से जुड़े दस्तावेजी कार्य के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि कार्यालय का सर्वर डाउन होने से प्रक्रिया पूरी करने में देरी हुई। बारिश के कारण भी परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस वजह से शव करीब 35 घंटे तक अंतिम संस्कार के इंतजार में पड़ा रहा। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने परिवार को समझाने का प्रयास किया। पुलिस की समझाइश के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ। इसके बाद समथर मुक्तिधाम में बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया गया। घटना ने जमीन विवाद को लेकर पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते तनाव को उजागर किया है।

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