दौसा के 30 साल पुराने बस ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी को दी गई फांसी की सजा को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नए सिरे से ट्रायल कराने का आदेश दिया है। यह फैसला मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने पुराने फैसले से जुड़े पहलुओं की दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं। अब मामले की आगे की कार्रवाई नए ट्रायल के आधार पर होगी। इस फैसले के बाद लंबे समय से चले आ रहे मुकदमे में नया मोड़ आ गया है। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं और तथ्यों पर विचार किया। मामले से जुड़े पक्षों को अब नए सिरे से अदालत में अपनी दलीलें रखने का मौका मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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