नीट-2026 पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान आपत्तिजनक पोस्टर और सामग्री वायरल होने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रदेश के सभी 33 जिलों की पुलिस को सोशल मीडिया निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रदर्शन में शामिल लोगों और सोशल मीडिया पर सामग्री साझा करने वालों की पहचान कर रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है। रायपुर सहित कई जिलों में जेन-जी संगठन की ओर से लंबे समय तक प्रदर्शन किए गए थे। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनों में नाबालिगों के हाथों में भी आपत्तिजनक बैनर और पोस्टर दिए गए। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रदर्शन के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता और अभद्रता स्वीकार्य नहीं है। कानून विशेषज्ञों के अनुसार आपत्तिजनक पोस्टर लगाने या प्रदर्शित करने पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। साइबर सेल सोशल मीडिया पोस्ट और वायरल सामग्री के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कर रही है। आईपी एड्रेस और डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से मूल अपलोडर और प्रसार करने वालों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Source: Source Post navigation ईडी मामले में विधायक संजीव अरोड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज मुख्य चुनाव आयुक्त चयन पैनल से CJI को बाहर रखने पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा सवाल