पंजाब की सियासत में शिरोमणि अकाली दल को लुधियाना में एक बड़ा झटका लगा है। गिल हलके से पूर्व विधायक दर्शन सिंह शिवालिक ने अकाली दल छोड़कर ‘वारिस पंजाब दे’ का दामन थाम लिया है। यह जॉइनिंग अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और नेता मनप्रीत सिंह अयाली की उपस्थिति में हुई। शिवालिक ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे से बचाना और पंथ की रक्षा करना है। उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी पर अनदेखी और सम्मान न देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस कार्यक्रम के दौरान मनप्रीत अयाली ने पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर सीधा हमला बोला है। अयाली ने कहा कि अगर सुखबीर निजी स्वार्थों को छोड़ दें, तो अकाली दल के विभिन्न धड़े फिर से एकजुट हो सकते हैं। अयाली का यह बयान पार्टी के भीतर पनप रहे गहरे असंतोष और गुटबाजी को दर्शाता है। शिवालिक का पार्टी छोड़ना अकाली दल के लिए जमीनी स्तर पर एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। उन्होंने तरसेम सिंह के नेतृत्व में आस्था जताते हुए भविष्य में पंथ के लिए काम करने का संकल्प लिया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बागी सुर अब पूरी तरह मुखर हो चुके हैं। आने वाले दिनों में अकाली दल के भीतर आंतरिक कलह और अधिक बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। Source: Source Post navigation जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच नया मोड़: ‘किसान नेता नजरबंद’, NEET और TET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग