पटना हाईकोर्ट ने पुलिस बर्बरता के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने एक व्यक्ति के पैर तोड़ने के आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार ने यह आदेश मनीष कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ता ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बावजूद मामला दर्ज नहीं होने पर हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत ने कहा कि पुलिस की अनियंत्रित क्रूरता गंभीर चिंता का विषय है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं जारी रहीं तो पुलिस व्यवस्था नाजी जर्मनी जैसी बन सकती है। मामले में आरोपी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। हाईकोर्ट ने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया। पुलिस कार्रवाई में जवाबदेही और कानून के पालन को जरूरी बताया गया। अदालत के आदेश के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। Source: Source Post navigation राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच को मिला एक महीने का और समय, आरोपियों से जुटाए जा रहे सुराग मृतक कर्जदार के बीमा प्रीमियम लौटाने पर बैंक और बीमा कंपनी को झटका, उपभोक्ता आयोग ने दिया राहत का आदेश