श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर पाकिस्तान गए 518 सिख श्रद्धालुओं का जत्था 10 दिनों की धार्मिक यात्रा पूरी कर गुरुवार को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते सुरक्षित भारत लौट आया। 10 जून से 19 जून तक चली इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने ननकाना साहिब, पंजा साहिब और डेरा साहिब सहित कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों में मत्था टेका। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने अटारी बॉर्डर पर श्रद्धालुओं के स्वागत और उनके गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों की विशेष व्यवस्था की थी। इस दौरान अमृतसर देहाती पुलिस ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। घर लौटने पर श्रद्धालुओं ने अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा को जीवन का एक यादगार और सौभाग्यपूर्ण अनुभव बताया। Source: Source Post navigation NEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, बोले- ‘शांत दिमाग से दें पेपर’ भारत का ‘नक्सल मुक्त’ होना: छह दशकों के हिंसात्मक संघर्ष के बाद एक ऐतिहासिक उपलब्धि