भारत सरकार ने देश को ‘नक्सल मुक्त’ घोषित करते हुए इसे छह दशकों के लंबे और हिंसक संघर्ष के बाद एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। इस नक्सली आंदोलन की जड़ें 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी विद्रोह में निहित थीं, जो माओवादी विचारधारा और सशस्त्र क्रांति के सिद्धांत से प्रेरित था। समय के साथ, कई चरमपंथी समूह अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय रहे, जो अंततः 2004 में ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)’ (CPI-Maoist) के बैनर तले एकजुट हो गए। यह संगठन बाद में विद्रोह का मुख्य चेहरा बनकर उभरा और भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक माना जाने लगा। इस उपलब्धि के साथ ही सरकार ने दशकों पुराने इस सुरक्षा खतरे पर नियंत्रण पाने का दावा किया है, जो देश के विकास और शांति के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Source: Source Post navigation पाकिस्तान से भारत लौटा 518 श्रद्धालुओं का जत्था: ननकाना साहिब में नमन कर गुरुपर्व मनाया नजीरा में विरोध प्रदर्शन: एलपीजी गैस सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ सड़कों पर उतरे ‘असमिया युवा’ और ‘महिला मंच’