बस्तर क्षेत्र में आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों ने नक्सली संगठन की आंतरिक व्यवस्था को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उनके अनुसार संगठन में विवाह करने के इच्छुक पुरुष सदस्यों के लिए नसबंदी कराना अनिवार्य था। दावा किया गया है कि इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए गांव के कम पढ़े-लिखे युवाओं का उपयोग किया जाता था। इन युवाओं को कथित तौर पर वर्ष 2014 में झारखंड से आए एक व्यक्ति द्वारा नसबंदी और छोटे ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण दिया गया था। पूर्व नक्सलियों के अनुसार जंगलों के भीतर ही ऑपरेशन किए जाते थे। संगठन का मानना था कि बच्चों की जिम्मेदारी लड़ाकों को आंदोलन से दूर कर सकती है। हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके कई पूर्व नक्सली अब सामान्य पारिवारिक जीवन जीना चाहते हैं। इसी कारण वे नसबंदी रिवर्सल सर्जरी करवा रहे हैं। जगदलपुर के महारानी अस्पताल में ऐसे कई पूर्व नक्सलियों की सर्जरी की जा चुकी है। प्रशासन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम इस विशेष अभियान में शामिल है। चिकित्सकों के अनुसार कई और मामलों में रिवर्सल प्रक्रिया जारी है। पूर्व नक्सलियों का कहना है कि संगठन में रहते हुए उन्हें परिवार और संतान से जुड़े व्यक्तिगत निर्णय लेने की स्वतंत्रता नहीं थी। अब वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर परिवार बसाने और सामान्य जीवन जीने की इच्छा रखते हैं। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में और भी पूर्व नक्सलियों को इस पहल का लाभ मिल सकता है। Source: Source Post navigation तमिलनाडु में गौशाला से 39 बंधुआ मजदूर मुक्त, बेहतर वेतन के झांसे में फंसकर पहुंचे थे श्रमिक रनवे मरम्मत के लिए 1 से 15 अक्टूबर तक बंद रहेगा श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा