भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। पेट्रोल और डीजल कारों की हिस्सेदारी लगातार घटती दिखाई दे रही है। इसके विपरीत वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। जून महीने में इन वाहनों का बाजार हिस्सा 40 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया। इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान सीएनजी वाहनों का रहा है। बढ़ती ईंधन लागत और बेहतर माइलेज इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही है। ग्राहक अब कम परिचालन खर्च वाले विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वाहन निर्माता भी सीएनजी और अन्य वैकल्पिक ईंधन वाले मॉडल लॉन्च करने पर जोर दे रहे हैं। इससे बाजार में ऐसे वाहनों की उपलब्धता बढ़ रही है। पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता भी ग्राहकों की पसंद को प्रभावित कर रही है। आने वाले समय में इस बदलाव के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। ऑटोमोबाइल उद्योग अब बदलती मांग के अनुसार अपनी रणनीति तैयार कर रहा है। Source: Source Post navigation सिरसा सहकारी बैंक की उपलब्धि: ईमानदार सदस्यों और कर्मचारियों के सहयोग से लगातार 10 साल से ऋण वसूली 100 फीसदी 32 साल में रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त संपत्ति, फिर भी काम करते हैं कनाडाई निवेशक बिल हॉलैंड