पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर सीमा की लगाई गई मापकरण के वजह से, डीजल और पेट्रोल की आवश्यकता में चिंता बढ़ रही है। अब कुछ वाहनों को मिलेंगे केवल इतने लीटर फ्यूल, जो पार्करों और किसानों का सहस्रकारी दबाव है। चालक और मालिकों के बीच एक अत्यधिक आवश्यकता पड़ गई है, जो संयोजन और व्यवसाय को घटा रहा है। इस मुद्दे की बातें चालक समूहों और गवर्नमेंट के बीच अतिरिक्त वाकईयों का विस्तार हुआ है। इस प्रकार, सरकार में आधिकारियों और मालिकों के बीच एक दबाव का भावना उत्पन्न हुआ है, जिसमें फैकल्टी और सह-समझ की कठिनाइयों शामिल हैं। गवर्नमेंट ने पेट्रोल पंप मालिकों को निर्देश दिए जिनकी सहायता से कई वाहनों को फ्यूल भरने के लिए लम्बे प्रयास किए जाएँगे। 🔗 Read original source — Nai Dunia Raipur Post navigation ‘वित्तीय खराबादी का संकेत’: इंग्लैंड के आनुवांशिक विश्वास की मदद से ग्रहण 20 मई को केमिस्ट शॉप रहेंगी बंद! देशभर में हड़ताल से मरीजों की चिंता