मुख्यमंत्री ने पेपर लीक मामलों की तेज सुनवाई के लिए चार शहरों में फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य ऐसे मामलों में जल्द न्याय सुनिश्चित करना है। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पेपर लीक से जुड़े मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाएगी। अधिकारियों को मामलों की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से प्रभावित अभ्यर्थियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। प्रशासन ने परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए कई कदम उठाने की बात कही है। फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना को भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Source: Source Post navigation कक्षा-4 भर्ती मेरिट सूची रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, चयन प्रक्रिया को मिली अंतरिम राहत यादगीर मेले हत्याकांड के 12 साल बाद 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा