अजय सैनी, भिवानी रिपोर्ट—राजकीय वैटर्नरी पॉलीक्लीनिक के सामने सात दिनों तक जारी रहे गौरक्षा दल का धरना, प्रशासन के आश्वासनों के बाद अंततः समाप्त हो गया। यह धरना पशु सेवा व्यवस्था में सुधार और डायल 1962 एंबुलेंस सेवा को सुदृढ़ करने की मांगों के इर्द‑गिर्द घूम रहा था।

धरने के शुरुआत के बाद से ही विभिन्न पशु कल्याण संगठनों और स्थानीय पशु मालिकों ने इस मंच से अपनी परेशानियों को उजागर किया। दल के प्रमुख ने कहा, “हमें पर्याप्त पशु चिकित्सकीय सुविधाओं की कमी, एम्बुलेंस सेवा में विलंब और डायल 1962 पर कॉल न मिलने की समस्या का लगातार सामना करना पड़ रहा है। यदि इन मुद्दों का समय पर समाधान नहीं हुआ तो हमें फिर से सड़कों पर उतरना पड़ेगा।”

राज्य सरकार ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कई प्रमुख अधिकारियों को निर्देशित किया। निवासियों के उजागर किए गए मुद्दों पर चर्चा करने के लिए प्रोसेसिंग काउंसिल के अध्यक्ष, पशु चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त मन्‍त्री, और स्थानीय पुलिस आयुक्त सहित एक विशेष बैठक बुलाई गई। बैठक में कहा गया कि:

* वैटर्नरी पॉलीक्लीनिक में नई उपकरणों की खरीद और कुशल पशु चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
* डायल 1962 एंबुलेंस सेवा के लिए अतिरिक्त एम्बुलेंस और हर प्रान्त में एक मोबाइल कनेक्शन बिंदु स्थापित किया जाएगा, जिससे कॉल कनेक्टिविटी में सुधार हो सके।
* ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रात्री पशु चिकित्सकीय सहायता देने के लिये एक विशेष “रात्री सेवा टीम” गठन की जाएगी, जो 24 घंटे कार्यरत रहेगी।

इन आश्वासनों के बाद गौरक्षा दल ने धरने को समाप्त करने की घोषणा की। दल के एक सदस्य ने कहा, “सरकार ने हमारे मुद्दों को सराहनीय रूप से स्वीकार किया है और कार्यवाही का वादा किया है। हम आशा करते हैं कि वादा पूरे हों और भविष्य में ऐसी समस्याओं का समाधान हो।”

प्रशासन ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए बताया कि जल्द ही एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी, जिसमें नई पशु सेवा इकाईयों की स्थापना, एम्बुलेंस के नियोजन तथा रात्री सेवा टीम की तैनाती का टाइम‑टेबल शामिल होगा। यह योजना अगले दो हफ्तों में सार्वजनिक रूप से साझा की जाएगी।

भिवानी की जनता ने इस निर्णय का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि अब पशु चिकित्सकीय सेवाओं में सुधार हो जाएगा। स्थानीय पशु मालिकों ने कहा, “हम अब अपनी पशुओं को सुरक्षित महसूस करेंगे और एम्बुलेंस की कॉल पर तुरंत मदद मिलने की उम्मीद रखेंगे।”

इस प्रकार, प्रशासन के ठोस आश्वासनों ने सात दिनों के संघर्ष को समाप्त किया और अब फोकस ग्रामीण पशु स्वास्थ्य सेवाओं के सतत सुधार और रात्री सेवा टीम के प्रभावी कार्यान्वयन पर है।

By AIAdmin

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