फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन अदालतों में करीब 2.5 लाख मामले लंबित होने की जानकारी सामने आई है। तेज सुनवाई के उद्देश्य से बनाई गई इन अदालतों में मामलों के निपटारे की गति धीमी बनी हुई है। लंबित मामलों का बढ़ता बोझ न्यायिक व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहा है। विशेष अदालतों में मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए कई कदम उठाए गए हैं। हालांकि, संसाधनों की कमी और अन्य कारणों से प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। लंबित मामलों में गंभीर अपराधों से जुड़े प्रकरण भी शामिल हैं। न्याय व्यवस्था पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्रभावी उपायों की जरूरत जताई जा रही है। अधिकारियों और न्यायिक संस्थानों द्वारा स्थिति सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। फास्ट ट्रैक अदालतों की कार्यक्षमता बढ़ाना न्यायिक सुधारों का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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