कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया। उस व्यक्ति पर महिला पर शादी के लिए दबाव डालने का आरोप है। आरोप है कि उसने महिला को धमकी भी दी थी। महिला की शादी की योजनाओं में कथित तौर पर बाधा डालने और उसकी तस्वीरें साझा करने की धमकी देने की बात सामने आई। अदालत ने मामले में आरोपी के कथित लगातार व्यवहार पर ध्यान दिया। रिकॉर्ड में महिला के पहले आत्महत्या के प्रयास का भी उल्लेख किया गया। अदालत ने कहा कि आरोपों में कथित उकसावे और दबाव के संकेत दिखाई देते हैं। इन घटनाओं और महिला की आत्महत्या के बीच कथित निकट संबंध का भी अदालत ने संज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप कर आपराधिक कार्यवाही खत्म करने से इनकार किया। अब आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों पर मुकदमा आगे बढ़ेगा। अदालत के फैसले के बाद मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी। अंतिम दोष या निर्दोषता का फैसला मुकदमे के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर होगा। Source: Source Post navigation सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: माता-पिता बच्चों को संपत्ति से कर सकते हैं बेदखल, बुजुर्गों की गरिमा सर्वोपरि म्यूटेशन को लेकर PIL खारिज, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं पर लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना