भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक अस्थिरता लगातार बनी हुई है। 34 दिनों के भीतर दूसरे कुलगुरु के इस्तीफा देने से विश्वविद्यालय में नया प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है। इस्तीफे के बाद अनुपम राजन को विश्वविद्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। लगातार नेतृत्व में बदलाव से विश्वविद्यालय के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासनिक फैसलों और शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतरता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विश्वविद्यालय में नई व्यवस्था लागू होने तक अतिरिक्त प्रभार के तहत प्रशासन संचालित किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। सरकार और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नए स्थायी कुलगुरु की नियुक्ति को लेकर आगे की प्रक्रिया पर भी निगाहें टिकी हैं। फिलहाल विश्वविद्यालय के नियमित कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक स्थिरता बहाल करना अब विश्वविद्यालय के सामने बड़ी चुनौती माना जा रहा है। Source: Source Post navigation पेपर लीक पर सख्ती की तैयारी, सरकार बढ़ा सकती है नकल विरोधी कानून में सजा की अवधि हरियाणा में ऑनलाइन टीचर ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू, 1 अगस्त से डेटा सत्यापन, 30 अगस्त तक जारी होगी अंतिम मेरिट सूची