पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड (पावरकॉम) पर अपने ही बिजली बचत अभियान का पालन न करने के आरोप लगे हैं। अमृतसर के कई पावरकॉम कार्यालयों में कर्मचारियों की हड़ताल और अनुपस्थिति के बावजूद पंखे, लाइटें, कूलर और अन्य बिजली उपकरण लगातार चलते पाए गए। इससे सरकारी बिजली और सार्वजनिक धन की अनावश्यक बर्बादी हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कई कंप्यूटर भी बंद करने के बजाय स्लीप मोड या चालू स्थिति में छोड़ दिए जाते हैं। आम उपभोक्ताओं को बिजली बचाने की सलाह देने वाला विभाग खुद लापरवाही बरतता नजर आया। बॉर्डर जोन के मुख्य अभियंता सुरिंदर कुमार बैंस ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तर छोड़ते समय सभी बिजली उपकरण बंद करने के निर्देश देने की बात कही। रिपोर्ट में यह भी सवाल उठाया गया कि कार्यालयों में बिजली उपकरण बंद हैं या नहीं, इसकी निगरानी के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी या व्यवस्था नहीं है। आधुनिक तकनीक जैसे मोशन सेंसर और ऑटोमैटिक कट-ऑफ सिस्टम का उपयोग भी नहीं किया जा रहा है। इस स्थिति पर लोगों ने सरकारी संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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