कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI का इस्तेमाल अब विश्वविद्यालयों की उत्तर पुस्तिकाएं जांचने में भी किया जाएगा। बिलासपुर में इस नई व्यवस्था की शुरुआत पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय ने की है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में AI तकनीक को शामिल करने की पहल की है। इसका उद्देश्य परीक्षा मूल्यांकन की प्रक्रिया को आधुनिक और अधिक तकनीक आधारित बनाना है। विश्वविद्यालय में 19 जुलाई को प्री-BEd और प्री-D.El.Ed की परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। इन परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। AI के जरिए उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया को तेज करने की उम्मीद है। इससे मूल्यांकन में लगने वाला समय कम हो सकता है। तकनीक के इस्तेमाल से उत्तरों के आकलन में एकरूपता लाने का भी प्रयास किया जाएगा। विश्वविद्यालय की यह पहल शिक्षा क्षेत्र में AI के बढ़ते उपयोग को दर्शाती है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में तकनीक के इस्तेमाल से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की उम्मीद है। बिलासपुर की यह व्यवस्था आगे अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। Source: Source Post navigation हाथों में तिरंगा, जुबां पर नारे: JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च