ब्रिटेन में अपने बेटे की हत्या में मदद करने के दोष में सजा काट रही भारतीय महिला किरण कौर को रिहा होने पर भारत निर्वासित किया जा सकता है। किरण को इस मामले में तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई है। उनके बेटे विक्रम डिगवा को 18 वर्षीय छात्र की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में उम्रकैद की सजा मिली है। बताया गया है कि बेटे ने छात्र की जान ली थी। किरण पर हत्या में मदद करने का दोष साबित हुआ था। ब्रिटिश सरकार की एक पहल के तहत समय से पहले रिहाई मिलने पर उन्हें भारत वापस भेजे जाने की संभावना है। इस मामले ने हिंसा से जुड़े धार्मिक प्रतीकों को लेकर भी चिंताएं पैदा की हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन प्रतीकों और अपराध के बीच संबंध का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। किरण कौर और विक्रम डिगवा, दोनों की अपील पर नवंबर में सुनवाई होनी है। अदालत में होने वाली सुनवाई से मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकती है। Source: Source Post navigation पाकिस्तान के बलोचिस्तान में 5.7 तीव्रता का भूकंप, आसपास के इलाकों में भी महसूस हुए झटके 39 साल पुराने संपत्ति विवाद में न्यूयॉर्क कोर्ट का फैसला, बेटी को नहीं मिला था घर पर आजीवन अधिकार