रायपुर ब्रेकिंग: बैगा जनजाति के बच्चों की मौत पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग कवर्धा: नंदनी गांव में कुपोषण और गंभीर बीमारियों से बच्चों के प्रभावित होने का आरोप, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और पीसीसी चीफ दीपक बैज ने ग्रामीणों से की मुलाकात रायपुर/कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के रेंगाखार क्षेत्र के नंदनी गांव में बैगा जनजाति के पांच बच्चों की मौत के मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष दीपक बैज ने गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों, महिलाओं और बच्चों से मुलाकात की। कांग्रेस ने मामले में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मृत बच्चों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। 7 सदस्यीय जांच टीम ने की मामले की जांच पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बताया कि घटना की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सात सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम ने गांव के स्थानीय लोगों और बच्चों से बातचीत कर घटना की जानकारी जुटाई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने भी गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और वहां की स्थिति का जायजा लिया। 108 बच्चों के प्रभावित होने का दावा दीपक बैज ने दावा किया कि गांव में कई बच्चे कुपोषण के साथ एनीमिया, डायरिया और मलेरिया जैसी बीमारियों से प्रभावित हैं। उनके मुताबिक, फिलहाल 13 बच्चे कुपोषण से प्रभावित होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि 1 जून 2026 से 23 अक्टूबर 2026 के बीच करीब 108 बच्चों के कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं से प्रभावित होने की जानकारी अस्पताल के आंकड़ों में सामने आई है। साफ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठाए सवाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बच्चों की मौत के बावजूद शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समय पर गांव नहीं पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री और कवर्धा के विधायक विजय शर्मा के गांव नहीं पहुंचने पर भी सवाल उठाए। बैज ने गांव में साफ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की ओर से नए हैंडपंप लगाए गए, लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य अधिकारी को बदलकर सरकार मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई कर रही है। पिछले साल भी बच्चों की मौत का लगाया आरोप दीपक बैज ने कहा कि पिछले वर्ष भी बैगा जनजाति के बच्चों की मौत कुपोषण, डायरिया और मलेरिया जैसी बीमारियों के कारण हुई थी। इसके बावजूद स्थिति में सुधार के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री के वनवासी मुख्यमंत्री होने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मृत बच्चों के परिजनों को 10 लाख रुपये देने की मांग कांग्रेस ने राज्य सरकार से मृत बच्चों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। बैज ने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने मांग की कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं, पोषण व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल की स्थिति सुधारने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। नोट: बच्चों की मौत, बीमारियों से प्रभावित बच्चों की संख्या और सरकारी कार्रवाई को लेकर दिए गए आंकड़े एवं आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभागों के आधिकारिक आंकड़ों से किया जाना शेष है। Post navigation भाजपा विधायक रेणुका सिंह का वायरल ऑडियो