बॉम्बे हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को नीट-यूजी 2026 के तीन अभ्यर्थियों की मूल ओएमआर शीट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। अभ्यर्थियों ने अपने दर्ज उत्तरों और घोषित अंकों में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर निकाले गए उनके अंक घोषित परिणामों से काफी अलग हैं। एक अभ्यर्थी ने दावा किया है कि उसके अंक 597 से घटाकर 45 दिखाए गए। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एनटीए और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। न्यायालय ने मूल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान अभ्यर्थियों की शिकायतों पर विस्तार से विचार किया जाएगा। एनटीए को रिकॉर्ड के साथ अपना पक्ष भी स्पष्ट करना होगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को निर्धारित की है। इस मामले का फैसला परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Source: Source Post navigation नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा विस्तृत जवाब