भारत में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) में लगातार गिरावट देखी जा रही है। 2024 में यह दर गिरकर प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 24 मौतें हो गई है। यह सफलता मुख्य रूप से संस्थागत प्रसव (institutional deliveries) में वृद्धि और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच के कारण मिली है। सरकार की मातृ शिशु सुरक्षा योजनाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, राज्यों के बीच भारी असमानता बनी हुई है। केरल और गोवा जैसे राज्यों की शिशु मृत्यु दर विकसित देशों के स्तर के करीब है। वहीं, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में स्वास्थ्य सुविधाओं के बावजूद स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में अभी भी काफी सुधार की गुंजाइश है। नवजात शिशुओं के लिए पोषण और टीकाकरण पर भी अधिक ध्यान देने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि लक्ष्य अब जन्म के समय कम वजन और सांस की बीमारियों को कम करना होना चाहिए। Source: Source Post navigation रायपुर: बिजली संकट को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन – पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, गुढ़ियारी में नए सब स्टेशन की मांग, चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी सूरजपुर: मजदूरों ने जिला पंचायत कार्यालय के सामने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना, दो साल से नहीं मिला तालाब-पुलिया कार्यों का भुगतान, आंदोलन तेज करने की चेतावनी