महाराष्ट्र में कैब और ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा से जुड़े नियम को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में जनहित याचिका यानी PIL दाखिल की गई है। याचिका में संबंधित सरकारी अधिसूचना को संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह नियम मोटर व्हीकल्स एक्ट के दायरे से बाहर है। याचिका में नियम लागू करने के अधिकार और कानूनी आधार पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि नियम का असर बड़ी संख्या में ड्राइवरों पर पड़ सकता है। खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर ड्राइवरों को इससे परेशानी होने की आशंका जताई गई है। याचिका में अधिसूचना के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। मामले में अदालत से नियम की संवैधानिक वैधता की जांच करने का अनुरोध किया गया है। याचिका में मौलिक अधिकारों और प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। अब बॉम्बे हाईकोर्ट में इस चुनौती पर सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष भी सामने आएगा। मामले का फैसला महाराष्ट्र में कैब और ऑटो चालकों से जुड़े भाषा नियमों पर असर डाल सकता है। Source: Source Post navigation कलकत्ता हाईकोर्ट से TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को राहत, 30 नवंबर तक गिरफ्तारी पर रोक सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: प्रीमियम के बिना अधिकारी का वादा बीमा कंपनी पर बाध्यकारी नहीं, जोखिम का पिछला कवरेज मान्य नहीं