महाराष्ट्र सरकार ने 2011 से पहले सरकारी और वन भूमि पर बने अनधिकृत घरों को राहत देने का निर्णय लिया है। पात्र निवासियों को सरकारी आवास योजनाओं के माध्यम से पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा। इस योजना की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति अवैध बस्तियों और घरों का सर्वेक्षण कर पुनर्वास की रूपरेखा तैयार करेगी। सरकार पात्र लोगों की पहचान के लिए भौतिक और बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया शुरू करेगी। यह प्रक्रिया लगभग तीन महीने में पूरी करने की योजना है। सत्यापन के बाद लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी। इसके आधार पर पुनर्वास के लिए मास्टर प्लान बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पात्र परिवारों को व्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराना है। इस फैसले से लंबे समय से ऐसे घरों में रह रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन पुनर्वास प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से लागू करने की तैयारी कर रहा है। Source: Source Post navigation नारायणपुर के दूरस्थ गांवों में 151 परिवारों को मिला 3 महीने का अग्रिम राशन, मानसून में राहत दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा: 1 अगस्त से ‘पिंक सहेली’ स्मार्ट कार्ड अनिवार्य